Tuesday, May 12, 2009

अपनी डफ़ली

बहुत दिनों से अपनी बात कहने का मंच तलाश रहा था, लगता है वो तलाश अब पूरी हुई इसके लिये ब्लॉग विमल भाई के सहयोग से खुल गया है ,कहने को बहुत कुछ है मगर एक एक बात कहूंगा आप चिन्ता मत करो। सुन सुन कर परेशान ही हो जाओगे अपना सर ही पीटोगे,अब तो भेजा फ़्राई नहीं अब तो भेजा क्राई होगा। एक नये ब्लॉग के जन्म से विश्व भानू का भी जन्म हो जाय जो फ़्रिज़ में रखे चने की तरह सुशुप्ता अवस्था में है।

1 comment:

  1. बढ़िया है भाई! तय है कि अपनी डफली का अपना राग भी होगा.

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