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थियेटर(कविता)विश्व रंगमंच दिवस


पर्दा खुलता है
मंच पर अभिनेता आता है।

Theatre  ज़िंदाबाद!!
थियेटर आर्ट है
थियेटर ज्ञान का भंडार है
थियेटर सिगरेट का धुआं है
थियेटर भोजन में नमक जैसा है
थियेटर चेहरे पर चमक जैसा है

थियेटर खूब खा के बोला गया बस है
थियेटर जाग के बदला गया करवट है
थियेटर प्यास बुझाता है
थियेटर जीना सिखाता है

थियेटर कोयल की कूक है
थियेटर दिल मे उठी हूक है

थियेटर नन्ही सी चिड़िया है
थियेटर फिल्मो में जाने का जरिया है
थियेटर समंदर है
थियेटर हम सबके  अंदर है

 थियेटर व्यापार है
थियेटर सब भाषाओ के पार है

थियेटर ज़ुल्मो सितम के खिलाफ आवाज बनकर आता है
थियेटर लूम्पेन के मन मे विश्वास जागता है
थियेटर सत्ता के गले की फांस है
थियेटर चट्टान पर उग आई घास है

थियेटर पहला प्यार है
थियेटर गर्लफ़्रेंड का इंतज़ार है
थियेटर दिल की धड़कन जैसा है
थियेटर प्रेमिका के पहले चुम्बन जैसा है

थियेटर दोस्ती के लिए बढ़ा हुआ  हाथ है
थियेटर भाई बहन का विश्वास है
थियेटर बच्चे का दूध बनकर आता है ।
थियेटर अंधेरे में भी राह बताता है

थियेटर  महान ग्रीक ट्रैजिडी है
थियेटर शेक्सपीरियन कॉमेडी है
थियेटर थ्योरी ऑफ एलिनेशन है
थियेटर की लाखों डेफिनेशन है

थियेटर खूब थका डालता है
थियेटर दिमाग पका डालता है
थियेटर सर्वहारा का हथियार है
थियेटर ईश्वर का अवतार है

थियेटर करना विकट है
थियेटर 200 रुपये का टिकट है
थियेटर व्यक्तिगत कमजोरी है
थियेटर एकदम जरूरी है।


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